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Delhi दिल्ली। बांग्लादेश में यूनुस सरकार के नेतृत्व में अराजकता की स्थिति बरकरार है। ढाका में सरकारी स्कूल के शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बांग्लादेश की पुलिस शिक्षकों पर लाठी भी बरसा रही है। हालांकि, पुलिस लाठीचार्ज के बाद भी सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने केंद्रीय शहीद मीनार पर धरना दिया। बता दें कि यह प्रदर्शन देशव्यापी था और पूरे दिन देशभर में शिक्षकों ने काम नहीं किया। प्राथमिक शिक्षक मांग कार्यान्वयन परिषद ने शाहबाग में शिक्षकों पर पुलिस द्वारा किए गए हमले के लिए गृह मामलों के सलाहकार और प्राथमिक एवं जन शिक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग की है।
वहीं, पुलिस परिषद की तीन सूत्री मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। शिक्षकों की मांग को रविवार को शिक्षक नेता मोहम्मद शम्सुद्दीन मसूद के हस्ताक्षर किए गए एक प्रेस रिलीज में जारी किया गया। शनिवार को प्राथमिक शिक्षकों ने शाहबाग में रैली निकाली थी और पुलिस ने टीचरों के ऊपर लाठियों, आंसू गैस, पानी की बौछारों और हथगोले का इस्तेमाल किया। पुलिस ने शिक्षकों को अलग-थलग करने के लिए बल का प्रयोग किया, जिसमें सौ से ज्यादा शिक्षक घायल हो गए।
वहीं शिक्षकों ने आरोप लगाया कि हमला बिना उकसावे के किया गया था। दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य सलाहकार के आवास, जमुना की ओर मार्च करने की कोशिश की जा रही थी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज समेत अन्य बलों का प्रयोग किया। हालांकि, प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने दूसरे दिन नए कार्यक्रमों की घोषणा की, जिसकी शुरुआत रविवार को शहीद मीनार से हुई। यह धरना प्रदर्शन दिनभर जारी रहा।
बांग्लादेश में इस समय 65,567 सरकारी प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से 1.06 करोड़ से ज्यादा छात्र नामांकित हैं और लगभग 3,50,000 सहायक शिक्षकों सहित 3,83,624 शिक्षक कार्यरत हैं। सहायक शिक्षक वर्तमान में राष्ट्रीय वेतनमान के 13वें ग्रेड के अंतर्गत आते हैं। शिक्षकों की मांग है कि उनकी वेतन को 10वें ग्रेड के बराबर की जाए। हालांकि, पहले उन्होंने 11वें ग्रेड की मांग की थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया। उनकी अन्य दो मांगें 10 और 16 साल की सेवा के बाद 100 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति और उच्च ग्रेड लाभ हैं।
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